
ग्रामसभाओं की निष्क्रियता के कारण सरकारी पंचायतों में काफी भ्रष्टाचार है. ग्रामसभा के नाम पर कुछ लोगों के हस्ताक्षर करा लिए जाते हैं और खानापूर्ति हो जाती है. वास्तविक ग्रामसभा बैठती ही नहीं है. लेकिन देश के कुछ ऐसे गांव हैं, जो इस स्थिति को बदलने की कोशिश में लगे हुए हैं. वे पंचायत के प्रस्तावों की समीक्षा कर रहे हैं और कोशिश कर रहे हैं कि ग्रामसभा को मज़बूत बनाया जा सके, ताकि सरकारी प्रस्तावों की ठीक-ठीक समीक्षा हो और अनुचित प्रस्ताव पारित न हो सकें. नतीजतन, इन प्रयासों के परिणाम भी दिखने लगे हैं. अब पंचायतों के जन प्रतिनिधि एवं कर्मचारी